जायोनिसम क्या है ?
जायोनिसम यहूदी लोगों के आत्मनिर्णय की पुर्नस्थापना और इजराइल की जमीन पर यहूदी संप्रभुता की बहाली के लिए आंदोलन है। ७० सीई में रोमनों ने यहूदी लोगों के पवित्र मंदिरों को ध्वस्त और यहूदियों की धार्मिक व प्रशासनिक राजधानी यरुशलम को तबाह कर दिया। यहूदी स्वतंत्रता खत्म हो गई और उसके बाद के दशकों में ज्यादातर यहूदी इजराइल की जमीन से निर्वासित कर दिए गए। लेकिन उन्होंने दोबारा लौटने की उम्मीद कभी नहीं छोड़ी। उन्होंने प्रार्थनाओं और साहित्य के जरिए इस प्रतिबद्धता का इजहार किया। सालाना पासोवर भोज के बाद दुनिया भर के यहूदी इस शपथ को दोहराते हैं- अगले साल यरुशलम में। यहूदी शादियों में दूल्हा कहता है : यरुशलम, अगर मैं तुम्हें भूल जाऊं, मेरा दाहिना हाथ नाकाम हो जाए।
इजराइल की जमीन से यहूदियों का जुड़ाव सिर्फ प्रार्थनाओं में ही परिलक्षित नहीं होता। असल में इतिहास के हर क्षण में इजराइल में यहूदी मौजूदगी रही है।
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