तेल अवीव

यरुशलम से तेल अवीव का सफर महज 45 मिनट का है। जैसे ही आप इस शहर में वेश करेंगे, आपको अहसास हो जाएगा कि क्यों इसे सफेद शहर कहते हैं। यहां सड़कों के किनारे ज्यादातर इमारतें बौहास शैली में बनी मिलती हैं। इन विलक्षण इमारतों को साल 2003 में यूनेस्कों ने वल्र्ड हेरिटेज का दर्जा दिया था। 1930 के दशक में यहां जर्मन बुद्धिजीवी आए। इनमें से कई नाज़ीवाद से तंग आ चुके थे। कई आर्किटेक्ट थे, जो बौहौस शैली से भावित थे। तेल अवीव के शुरुआती नज़ारों का श्रेय उन्हीं को जाता है। यहां रोथचाइल्ड बौलेवार्ड अौर जाफा के आर्ट डिस्ट्रिक्ट, नेवे जेदेक, एहाद हाम अौर लिलेब्लूम, जो कि आकार में काफी छोटे हैं की पैदल यात्रा में ही ज्यादा लुत्फ आएगा। दिजेंगॉफ स्ट्रीट अौर दिजेंगॉफ सेंटर वे जगहें हैं, जहां तेल अवीव के लोग सूरज ढलने के बाद मिलना पसंद करते हैं।
तेल अवीव दुनिया के सबसे पुराने आॅकेस्ट्राअों में से एक द इज़राइल फिलहॉरमानिक अौर मशहूर हबीम थिएटर कंपनी का घर है। यहां कई सिनेमा घर, आर्ट गैलरी, ऐतिहासिक इमारतें अौर लोकरुचि की जगहें हैं। द ग्रेट सिनेगॉग, कार्मेल मार्केट, शैलोम टावर अौर डायसपोरा म्यूजियम भी यहां की देखने वाली चीजे हैं। रोचाक स्ट्रीट पर स्थित बीट हैसोमि (लेखकों का घर) में अब नैचम गुटमैन म्यूजियम स्थित है।

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तेल अवीव दुनिया के सबसे जीवंत शहरों में से एक है अौर अगर किसी को एक ऐसी जगह का नाम लेना हो, जो इज़राइली संस्कृति का कें है, तो वह तेल अवीव ही है। इसके अलावा यह देश के विा, व्यापार, उद्योग अौर फैशन का कें भी रहा है। ति वर्ग किलोमीटर के दायरे में यहां इतने कैफे अौर रेस्तरां हैं, जिनकी कल्पना नहीं की जा सकती।

 
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