तकरीबन सौ साल पहले यहूदीवाद और समाजवादी आदर्शों से प्रेरित पूर्वी यूरोप के युवा यहूदियों के एक छोटे-से समूह ने गैलिली समुद्र के तट पर पहला किबुत्ज बनाया था। वे किबुत्ज को एक परस्पर गुँथे हुए उदान्त समुदाय के रूप में देखते थे। इसमें उत्पादन और उपभोग के साधनों पर सामूहिक स्वामित्व था। इसमें वे तमाम फैसले आपसी विचार-विमर्श कर बहुमत के आधार पर करते थे और उनकी सामूहिक जिम्मेदारी निभाते थे।
परिभाषा के अनुसार, किबुत्ज एक ऐसा स्वैच्छिक सामूहिक समुदाय हैं जो मुख्यतः कृषि पर आधारित होता है, जिसमें सम्पत्ति का निजी स्वामित्व नहीं होता और जो अपने तमाम सदस्यों और उनके परिवारों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए उत्तरदायीै है।
इजराइल की स्थापना के शुरूआती दशकों में, कुछेक उतार-चढ़ाव के बावजूद, आबादी और आर्थिक लिहाज से किबुत्जवाद का तेजी से प्रसार हुआ।
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