मजूजा का प्राचीनतम सबूत वह चर्मपत्र है, जो कुमरान में पाया गया था, जहां एक यहूदी संप्रदाय ईसा पूर्व पहली सदी में रहा करता था। आज मजूजा इजराइल के ज्यादातर दरवाजों पर पाए जा सकते हैं। यहूदी श्रद्धालुओं में मजूजा के रक्षात्मक गुणों को लेकर कई तरह की धारणाएं प्रचलित हैं। कुछ लोग इसे छूकर अपनी उंगलियों को चूमते हैं। हर सात साल में दो बार मजूजा की जांच की जाती है कि कहीं उसे कोई नुकसान तो नहीं पहुंचा। कई यहूदी व्यक्तिगत या सामूहिक दुखों से गुजरने के बाद मजूजा की जांच या उसे बदलने का काम भी करते हैं।
शबात भोज
शबात इजराइल में सरकारी छुट्टी का दिन है। यहूदियों के लिए इस दिन के खास महत्व से संबंधित विविध प्रकार की रस्में हैं, जिन्होंने तमाम तरह की धार्मिक चीजों के प्रचलन को बढ़ावा दिया है कई घरों में विश्राम के दिन का स्वागत शुक्रवार को शाम ढलने के ठीक पहले किया जाता है। घर की औरतें मोमबत्तियां जलाती हैं। इसके लिए मोमबत्ती स्टैंड में दो या अधिक मोबमत्तियां जलाई जाती हैं। स्टैंड प्रायः कीमती और अलंकृत होते हैं। वे डिनर टेबल के पास रख दिए जाते हैं।
शबात की संध्या भोज से पहले किदुश का पाठ होता है, जिस दौरान मदिरा पीने का चलन है। इसके लिए खास किस्म के गॉबलिट ( शीशे के गिलास) इस्तेमाल किए जाते हैं, जिनका रंग खाने की थाली जैसा भी हो सकता है। किदुश कप'' कई बार प्राइज्ड गिफ्ट्स होते हैं, जिन पर पाने वाले का नाम और उसे भेंट करने के अवसर के बारे में खुदा होता है। किदुश पाठ के दौरान वहां हल्लोत (खास किस्म के ब्रेड) ढककर रखी होती हैं। ढकने के लिए कढ़ाई किया हुआ हल्ला'' कवर इस्तेमाल किया जाता है। जिस चाकू से हल्लोत काटा जाता है, उसके हैंडल पर भी नक्काशी की गई होती है।
उस पर पवित्र शबात के लिए बचाकर रखा गया'' जैसे जुमले खुदे होते हैं शबात के अंत में हवदाला (हिब्रू में विभाजन'' एक छोटा समारोह जो शबात के समापन और नए सप्ताह की शुरुआत को दर्शाता है) के लिए तीन चीजें पारंपरिक रूप से इस्तेमाल की जाती हैं : कई बत्तियों वाली मोमबत्ती, मसालों का एक बरतन और एक गॉबलिट। किदुश गोबिलट भी इस्तेमाल में लाए जा सकते हैं, लेकिन ज्यादातर परिवारों में इसके लिए अलग हवदाला सेट होते हैं। किदुश और हवदाला के सामान प्रायः सोने और चांदी के होते हैं।
सिनेगॉग प्रार्थना घरद्ध की चीजें
सिनेगॉग मामूली इमारतों और कमरों से लेकर महलनुमा हॉल तक किसी भी तरह के हो सकते हैं। यहां प्रमुख धार्मिक सामान होली ऑर्क'' होता है, जो लकड़ी के कबोर्ड से लेकर अलंकृत पेटी के रूप में हो सकता है। आर्क प्रायः ऊंचे रखे जाते हैं। इनमें टेन कमांडमेंट्स'' की नुमाइंदगी करने वाली चीजें रखी जाती हैं। आर्क उस दीवार पर लगाया या गाड़ा जाता है, जो यरुशलम की तरफ होती है। यह भारी मखमल पर कढ़ाई करके बनाए गए आवरण से ढका होता है। कई जगह आवरण के तौर पर नक्काशीदार लकड़ी के दरवाजों का इस्तेमाल होता है। सिनेगॉग में आर्क आवरण के कई सेट हो सकते हैं, मसलन, वीक डेज के लिए सादा, शबात और अन्य त्योहारों के लिए सजावटी और हाई डेज''के लिए सफेद।
सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक सामान है- तोरा स्क्रॉल, द पेंटाटक, जो यहूदी लोगों का इतिहास बयां करता है और मोनोथेइज्म (अद्वैतवाद) व जातीय व्यवहार का सार्वभौमिक संदेश देता है। यह आर्क में लोक-वाचन के लिए सुरक्षित रखा जाता है। यह स्क्रॉल असल में कई चर्मपत्रों को सिलकर बनाया गया होता है, जिसकी ऊंचाई ८० सेंटीमीटर तक हो सकती है। यह मोड़ने के लिए लकड़ी की दो पटरियों पर रखा होता है। अश्सकेनजी (यूरोपीय) रिवाज में इन पटिरयों के हैंडल विशिष्ट धातुओं के बने होते हैं तोरा को एक स्कार्फ या कपड़े से लपेटकर रखा जाता है, जो सादा या सजावटी हो सकता है। इसे तभी हटाया जाता है, जब तोरा का आम लोगों के बीच वाचन करना हो। पटरियों से एक ब्रेस्टप्लेट लटकता रहता है, जो हाई प्रिस्ट'' का स्मरण दिलाता है। मध्य पूर्व के सेफर्डी समुदाय में तोरा स्क्रॉल को बेलनाकार बक्से में रखा जाता है, जो चमकदार और नक्काशी वाले होते हैं। ज्यादातर बक्से लकड़ी के होते हैं, लेकिन चांदी और सोने के मॉडल भी पाए जाते हैं।
तोरा स्क्रॉल को पूरा आदर और सम्मान दिया जाता है, हालांकि इसकी पूजा नहीं की जाती। इस बात का ध्यान रखा जाता है कि यह गिरे नहीं और न ही गंदी जगहों पर रखा जाए। स्क्रॉल के चर्मपत्र को तब तक नहीं छुआ जाता है, जब तक बहुत जरूरी न हो। इसे पढ़ने वाले के हाथ में चांदी या लकड़ी का एक पॉइंटर होता है।
सिनेगॉग में अतिरिक्त स्क्रॉल्स भी हो सकते हैं। सबसे आम हैं, सांग ऑफ सांग्स, रुथ, एस्केलेसिएस्ट्स और इस्टर, जिनका पेशाक, शबात, सुक्कोत और पुरिम पर सार्वजनिक पाठ होता है। कुछ सिनेगॉग में एक अलग आर्क होता है, जिनमें बाइबल बुक्स के स्क्रॉल होते हैं। इनमें से हैटरॉट का सबैत और अन्य त्योहारों पर पूरक पाठन होता है। तोरा के अलावा सबसे आम तौर पर पाया जाना वाला स्क्रॉल इस्टर है, जो पुरिम का महत्व बयां करता है। चूंकि इसमें ईश्वर का जिक्र नहीं होता, इसे अन्य स्क्रॉल की तुलना में कम पवित्र माना जाता है। यह कई घरों में पाया जाता है। यह लकड़ी, चांदी या अन्य मटीरियल से बने डिब्बे में रखा जाता है।
एक सजावटी लैंप, जो यरुशल के टेंपल में शाश्वत प्रकाश का प्रतीक होता है, आर्क के सामने रखा जाता है। कई सिनेगॉग में यह नहीं होता। सिनेगॉग में पाई जाने वाली चीजों में - एक शोफर, भी शामिल है, जिसे रोश हशाना और योम किपूर के दौरान सुबह की सर्विस के समय बजाया जाता है।
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